कोरबा // जिले में सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों के निराकरण में लापरवाही पर कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने सख्त नाराजगी जताई है। मंगलवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि आम नागरिकों की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समय-सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि सुशासन तिहार केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास एवं समाधान का मजबूत माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को शिविर स्थलों पर निर्धारित समय तक उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएं गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुनने तथा मौके पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सुशासन तिहार के तहत प्राप्त आवेदनों की समीक्षा के दौरान शिविर संपन्न होने के कई दिन बाद भी निराकरण लंबित पाए जाने पर जनपद पंचायत करतला के सीईओ को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।

बिजली और राशन व्यवस्था पर विशेष फोकस
कलेक्टर ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि बिजली बिल सुधार और खराब ट्रांसफार्मर से जुड़ी शिकायतों का निराकरण 7 दिनों के भीतर किया जाए। अन्य शिकायतों के लिए 15 दिन की समय-सीमा तय की गई है।
राशन वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने शहरी क्षेत्रों में पार्षदों एवं निगम कर्मचारियों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारी, सरपंच, सचिव और कोटवारों के माध्यम से वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रतिदिन 10 प्रतिशत वितरण प्रगति का लक्ष्य तय किया गया।

एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों का 100 प्रतिशत पंजीयन कराने के निर्देश
बैठक में एग्रीस्टेक पोर्टल की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मई माह तक जिले के सभी किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके लिए एसडीएम को मॉनिटरिंग करने तथा पटवारी, वीएलई और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से अभियान चलाने को कहा गया।
उन्होंने सीसीबी नोडल और सहकारिता विभाग को राजस्व विभाग के साथ समन्वय बनाकर कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश भी दिए।
राजस्व और विकास कार्यों की भी समीक्षा
कलेक्टर ने अविवादित एवं विवादित नामांतरण, सीमांकन, खाता विभाजन, वृक्ष कटाई और किसान किताब जैसे राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की राशि के गबन मामलों में संबंधित सरपंचों से वसूली और कड़ी कार्रवाई करने को कहा गया।
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने मई तक तकनीकी प्राक्कलन और जून तक शत-प्रतिशत प्रशासकीय स्वीकृति जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और भुगतान लंबित नहीं रखने पर भी जोर दिया।
जनदर्शन और सीएम हेल्पलाइन मामलों के त्वरित निराकरण के निर्देश
मुख्यमंत्री जनदर्शन और ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा सेतु पोर्टल में लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी अधिकारियों को दो दिवस के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। आगामी दिनों में प्राप्त होने वाले सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के त्वरित समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया।
बैठक में डीएफओ निशांत कुमार, प्रेमलता यादव, निगमायुक्त आशुतोष पांडेय, सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, ओंकार यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलेभर में चल रहा समाधान अभियान
सुशासन तिहार के माध्यम से जिलेभर में आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा गांव-गांव शिविर लगाकर लोगों की शिकायतें सुनी जा रही हैं और मौके पर ही निराकरण की कार्रवाई की जा रही है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को राहत मिल रही है।
किसानों और हितग्राहियों को मिलेगा लाभ
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचे। एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों का पंजीयन पूरा होने से कृषि योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा। वहीं राशन कार्ड, पेंशन, मनरेगा और राजस्व प्रकरणों के निराकरण में भी तेजी लाई जाएगी।
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
बैठक में लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए कलेक्टर ने कहा कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी विभागों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को आम जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने की भी हिदायत दी गई।
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