छाल। सरकार भले ही उज्ज्वला और डिजिटल इंडिया के नाम पर उपभोक्ताओं को घर बैठे सुविधाएं देने के बड़े बड़े दावे करे लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट बेहद कड़वी है। मामला बोजिया स्थित इंडेन गैस एजेंसी का है, जहां के वितरक की मनमानी और तानाशाही से उपभोक्ता त्रस्त हो चुके हैं। आलम यह है कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है और परेशान उपभोक्ताओं ने सीधे प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है। तहसील और खाद्य अधिकारी के पास पहुंची एक सामूहिक शिकायत ने गैस एजेंसी के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है।
तहसील कार्यालय से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस तानाशाही के खिलाफ ग्राम पंचायत सरपंच की अगुवाई में करीब 30 से अधिक उपभोक्ताओं ने एक होकर मोर्चा खोला है। ग्रामीणों ने एक लिखित सामूहिक शिकायत पत्र सौंपकर गैस वितरक पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बोजिया स्थित इस इंडेन गैस एजेंसी का संचालक शासन द्वारा निर्धारित तय मूल्य से कहीं ज्यादा राशि वसूल रहा है। हद तो तब हो जाती है जब विरोध करने पर या शिकायत की बात कहने पर संचालक उपभोक्ताओं के साथ न सिर्फ अभद्र व्यवहार करता है बल्कि सीधे गैस कनेक्शन बंद करने की खुलेआम धमकी देता है।
शिकायत पत्र में उपभोक्ताओं ने संचालक की कार्यप्रणाली पर कई संगीन सवाल खड़े किए है. होम डिलीवरी गायब खुद ढोने को मजबूर नियमों के मुताबिक गैस की होम डिलीवरी अनिवार्य है लेकिन यहां उपभोक्ताओं को खुद गाड़ी या कंधे पर सिलेंडर लादकर एजेंसी से ले जाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। तय रेट से अधिक की वसूली शासन द्वारा तय की गई राशि से ज्यादा पैसे ऐंठे जा रहे हैं जो सीधे तौर पर जेब डकैती है। घरेलू गैस का व्यावसायिक खेल ग्रामीणों का आरोप है कि गरीबों और आम जनता के हक के घरेलू सिलेंडरों को ऊंचे दामों पर व्यावसायिक उपयोग के लिए खपाया जा रहा है।
सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ गैस सिलेंडर के भंडारण और वितरण में जरूरी सुरक्षा नियमों को ताक पर रख दिया गया है जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अभद्र व्यवहार उपभोक्ता जब अपने हक की बात करते हैं तो उनसे बदतमीजी की जाती है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय तहसीलदार ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
तहसीलदार ने मीडिया को बताया कि ग्रामीणों और सरपंच की शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया गया है और इस सम्बंध में गैस संचालक को तत्काल नोटिस जारी कर दिया गया है।










