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महाघोटाला! 15 साल पुराने तालाब को नया बताकर ₹23.60 लाख खर्च? CAMPA फंड में करोड़ों के खेल का आरोप, EOW जांच की मांग

कटघोरा/जटगा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में ईस्ट-वेस्ट रेल कॉरिडोर के तहत वन विभाग के CAMPA (कैम्पा) फंड से कराए गए कार्यों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जटगा रेंज के कुटेसर, नगोई और छेवधरा गांवों में विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि कई कार्य केवल कागजों में दिखाकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया गया, जबकि धरातल पर वास्तविक काम नहीं हुआ।
सबसे बड़ा विवाद छेवधरा तालाब को लेकर सामने आया है। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2009-10 में राजीव गांधी जल ग्रहण मिशन के तहत बने तालाब को वर्ष 2020-21 में CAMPA योजना के अंतर्गत नया कार्य या गहरीकरण बताकर ₹23.60 लाख की राशि स्वीकृत कर खर्च दर्शाई गई। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब पहले से मौजूद था और उस दौरान केवल कुछ समय के लिए जेसीबी मशीन चलाकर औपचारिकता पूरी की गई।

मामला यहीं तक सीमित नहीं है। आरोप है कि कुटेसर और नगोई में भी पुराने कार्यों को संशोधित प्राक्कलन (Revised Estimate) के जरिए नया दिखाया गया। वहीं, जिन कार्यों में स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिलना चाहिए था, वहां मशीनों से काम कराकर रिकॉर्ड में फर्जी मस्टर रोल तैयार किए गए और मजदूरी के नाम पर सरकारी राशि का भुगतान दर्शाया गया।
सूत्रों के अनुसार, कथित फर्जी भुगतान ऐसे लोगों के खातों में भी किया गया है जिनका मजदूरी कार्य से कोई संबंध नहीं था। आरोप यह भी हैं कि इनमें कुछ प्रभावशाली परिवारों तथा विभाग से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों के नाम भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि विभाग के दावे सही हैं तो मापन पुस्तिका (MB), जियो-टैग फोटो, ड्रोन सर्वे रिपोर्ट, ग्रामसभा प्रस्ताव, मस्टर रोल और भुगतान संबंधी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं। उनका आरोप है कि एक ही कार्य पर दो अलग-अलग योजनाओं से राशि खर्च करना वित्तीय नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। साथ ही वर्ष 2009-10 से 2020-21 तक के सभी रिकॉर्ड जब्त कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सरकारी धन की वसूली की मांग भी उठाई है।
यदि शिकायतों में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह मामला छत्तीसगढ़ में CAMPA फंड के कथित दुरुपयोग के बड़े मामलों में शामिल हो सकता है। फिलहाल वन विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। विभाग का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

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Author: CG City News

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