जीपीएम/कोरबा। मानसून अवधि में रेत खदानों पर प्रतिबंध लागू होने के बावजूद जीपीएम जिले के कोटमी तहसील अंतर्गत दमदम क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण और जेसीबी मशीन से खुलेआम रेत की लोडिंग किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की आंखों के सामने यह पूरा खेल लगातार जारी है, लेकिन जिम्मेदार विभाग कार्रवाई के बजाय मौन साधे हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, कोरबा जिले की पसान तहसील स्थित बम्हनी नदी के सड़ामार क्षेत्र से प्रतिदिन सैकड़ों ट्रैक्टर रेत निकालकर दमदम में डंप की जा रही है। इसके बाद जेसीबी मशीनों से भारी वाहनों में रेत लोड कर अन्य स्थानों पर भेजा जा रहा है। जबकि बरसात के दौरान रेत खदानों के संचालन पर रोक है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब खदानें बंद हैं, तब इतनी बड़ी मात्रा में रेत आखिर कहां से आ रही है?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध भंडारण के बाद रेत को वैध बताने के लिए रॉयल्टी पर्चियों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। अब सवाल यह है कि प्रतिबंध अवधि में ये रॉयल्टी पर्चियां किस आधार पर जारी हो रही हैं? क्या नियमों की अनदेखी कर अवैध कारोबार को संरक्षण दिया जा रहा है?
इस पूरे मामले ने पसान तहसील प्रशासन और जीपीएम जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि यदि प्रशासन सख्त कार्रवाई करे तो करोड़ों रुपये के इस अवैध कारोबार पर तुरंत रोक लग सकती है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस कथित अवैध रेत कारोबार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करता है या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा।
नोट: यह समाचार स्थानीय स्रोतों और लगाए गए आरोपों पर आधारित है। संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
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