अटलांटा। ए। मेस्सी का चला जादू // कप्तान लियोनल मेस्सी ने पहले हाफ में जूझने के बाद दूसरे हाफ के अंतिम लम्हों में अपना जलवा बिखेरा और दो गोल करने में मदद की जिससे गत चैंपियन अर्जेन्टीना ने बुधवार को यहां फुटबॉल विश्व कप के सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ पिछड़ने के बाद जोरदार वापसी करते हुए 2-1 से जीत दर्ज की। लगातार दूसरी बार फाइनल में प्रवेश करने वाला तीन बार का चैंपियन अर्जेन्टीना रविवार को न्यूजर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में होने वाले फाइनल में 2010 के चैंपियन स्पेन से भिड़ेगा और 1958 तथा 1962 में ब्राजील के बाद लगातार दो विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनने का प्रयास करेगा। मेस्सी ने पहले हाफ में विरोधी खिलाड़ियों को 15 बार गेंद गंवाई जो किसी बड़े टूर्नामेंट में 2018 से उनका सबसे खराब प्रदर्शन है लेकिन बेहद दबाव के बीच मैच के अंतिम लम्हों में उन्होंने दिखाया कि आखिर क्यों उन्हें दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में शुमार किया जाता है। पहले एंजो फर्नांडीज ने 85वें मिनट में मेस्सी के पास को गोल में बदलकर अर्जेन्टीना को बराबरी दिलाई जबकि सात मिनट बाद स्थानापन्न खिलाड़ी लॉटरो मार्टिनेज (१० प्लस दो मिनट) ने अपने कप्तान के क्रॉस पर हेडर से गोल दागकर टीम की जीत सुनिश्चित की।
कुछ बेहतरीन मौके बनाने के बावजूद गोल करने में असफल रहे मेस्सी
मेस्सी ने 69वें मिनट में पेनल्टी एरिया के बीच में एक शानदार क्रॉस दिया और गोंजालेज ने उसे हेडर से निचले कोने की तरफ भेजा लेकिन पिकफोर्ड ने गोल लाइन पर गोता लगाते हुए उसे रोक दिया। अर्जेन्टीना ने तेजी बनाए रखने के लिए सिमियोन, नेहुएल मोलिना और लिसांड्रो मार्टिनेज की जगह रोड्रिगो डि पॉल, गोंजालो मोटिएल और निकोलस ओटामेंडी को मैदान में उतारा जबकि इंग्लैंड ने गोर्डन को बाहर करके एजरी कोन्सा को अंदर बुलाया। अर्जेन्टीना को इस बीच बराबरी हासिल करने का सुनहरा मौका मिला लेकिन एलेक्सिस मैक एलिस्टर का हैडर गोल पोस्ट से टकरा गया।
विश्व कप में अर्जेटीना का अजेय क्रम
13 मैचों तक पहुंचा: अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विताओं में से एक का हिस्सा अर्जेन्टीना और इंग्लैंड ने अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था। अर्जेंटीना ने विश्व कप में अपने अजेय क्रम को 13 मैच तक पहुंचा दिया। इन दोनों टीम के बीच यह छठा मुकाबला था। दोनों टीम ने तीन-तीन मैच जीते हैं। विश्व कप में दोनों टीम के बीच हुए पांच मुकाबलों में अर्जेन्टीना 3-2 सेआगे हो गया है
शुरुआत के बावजूद पहले हाफ में जूझती रही दोनों टीमें :
पहले हाफ में अधिकांश समय दोनों टीम प्रभावी मूव बनाने के लिए जूझती नजर आई जिससे दोनों ही गोलकीपर को किसी तरह की परेशानी नहीं हुई। दोनों टीम ने मिलकर मध्यांतर से पहले 19 फाउल किए जबकि गोल पर कोई शॉट नहीं मारा। दोनों टीमों ने आक्रामक शुरुआत की लेकिन साथ ही सतर्क रवैया भी अपनाया जिससे शुरुआती 12 मिनट में आठ फाउल हुए लेकिन गोल की तरफ एक भी शॉट नहीं लगा
टीमों की होती रही जम कर आजमाइशः अर्जेन्टीना के खिलाड़ी के फाउल पर इंग्लैंड को 37वे मिनट में फ्री किक मिली। जेम्स ने इसे बाईं तरफ से गोल की तरफ पहुंचाने की कोशिश की लेकिन गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज ने आसानी से खतरे को टाल दिया। हैरी केन और गोर्डन ने मेस्सी के खिलाफ जानबूझकर फाउल करने को कोशिश की लेकिन अर्जेन्टीना के दिग्गज के खिलाफ टैकल फाउल किया एंडरसन ने जिसके लिए उन्हें 38वें मिनट में मैच का पहला पीला कार्ड दिखाया गया
कुछ बेहतरीन मौके के बावजूद गोल करने में असफल रहे मेस्सी
मेस्सी ने 69वें मिनट में पेनल्टी एरिया के बीच में एक शानदार क्रॉस दिया और गोंजालेज ने उसे हेडर से निचले कोने की तरफ भेजा लेकिन पिकफोर्ड ने गोल लाइन पर गोता लगाते हुए उसे रोक दिया। अर्जेन्टीना ने तेजी बनाए रखने के लिए सिमियोन, नेहुएल मोलिना और लिसांड्रो मार्टिनेज की जगह रोड्रिगो डि पॉल, गोंजालो मोटिएल और निकोलस ओटामेंडी को मैदान में उतारा जबकि इंग्लैंड ने गोर्डन को बाहर करके एजरी कोन्सा को अंदर बुलाया। अर्जेन्टीना को इस बीच बराबरी हासिल करने का सुनहरा मौका मिला लेकिन एलेक्सिस मैक एलिस्टर का हैडर गोल पोस्ट से टकरा गया
इंग्लैंड की बिखरी रक्षा पंक्ति का फर्नांडीज ने उठाया बखूबी फायदा
अर्जेन्टीना के लगातार हमलों से बने दबाव के बीच इंग्लैंड की रक्षा पंक्ति बिखरी हुई नजर आने लगी। अर्जेन्टीना को लगातार हमलों का फायदा 85 वें मिनट में मिला जब मेस्सी के पास पर फर्नांडीज ने गोल दागा। मेस्सी ने फर्नांडीज को पास दिया। इंग्लैंड के सभी डिफेंडर पेनल्टी क्षेत्र के अंदर थे लेकिन चेल्सी के मिडफील्डर ने पिकफोर्ड को छकाते हुए शानदार शॉट मारा और अर्जेन्टीना को बराबरी दिला दी। पिकफोर्ड ने इससे कुछ ही सेकंड पहले फनांडीज को गोल करने से रोका था। जब लग रहा था कि मैच अतिरिक्त समय में खिंचेगा तब मेस्सी ने एक बार फिर अपने पैरों को जादू बिखेरा। इस 39 साल के खिलाड़ी ने इंजरी टाइम के दूसरे मिनट में दई छोर से एक शानदार क्रॉस दिया और वह भी अपने उस पैर से जिसे कमजोर माना जाता है
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