कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड अंतर्गत कोरबी बस स्टैंड का यात्री प्रतीक्षालय अब यात्रियों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि बड़े हादसे का खतरा बन चुका है। करीब 16-17 वर्ष पहले SECL द्वारा ग्रामीणों और यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया यह प्रतीक्षालय आज पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इसकी छत, दीवारों और खंभों में आई गहरी दरारें साफ संकेत दे रही हैं कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

कोरबी बस स्टैंड का जर्जर यात्री प्रतीक्षालय, छत और दीवारों में दरारें, यात्रियों की सुरक्षा पर मंडराता खतरा
बारिश के मौसम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री इसी प्रतीक्षालय में बस का इंतजार करते हैं। कोरबी बस स्टैंड से बिलासपुर, रायगढ़, चिरमिरी, मनेंद्रगढ़, कोरबा, बैकुंठपुर और पेंड्रा समेत कई प्रमुख मार्गों के लिए रोजाना करीब एक दर्जन बसों का संचालन होता है। ऐसे में जर्जर भवन के नीचे खड़े यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
वादे हुए, लेकिन जिम्मेदार भूल गए
ग्रामीणों का कहना है कि वर्ष 2016 में SECL के तत्कालीन उपमहाप्रबंधक (सिविल) ने सरमा से कोरबी तक लगभग चार किलोमीटर सड़क के रखरखाव और मरम्मत का आश्वासन दिया था। बाद में वर्ष 2022-23 में सड़क का नवीनीकरण भी हुआ, लेकिन सड़क के गड्ढे जस के तस रहे और बस स्टैंड स्थित यात्री प्रतीक्षालय की मरम्मत तक नहीं कराई गई।
ग्रामीणों की मांग – खानापूर्ति नहीं, स्थायी समाधान चाहिए
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और SECL से मांग की है कि जर्जर प्रतीक्षालय की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए। यदि भवन असुरक्षित है तो उसे गिराकर नया और मजबूत यात्री प्रतीक्षालय बनाया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद कार्रवाई करने से बेहतर है कि समय रहते सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है, या फिर यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल कार्रवाई करेगा?










