कोरबा/पसान। पसान वन परिक्षेत्र में सामने आए कथित वायरल वीडियो ने वन विभाग की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में डिप्टी रेंजर द्वारा वन रक्षक पर शिकारियों से पैसे लेने का आरोप लगाए जाने की चर्चा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब तक किसी प्रकार की विभागीय कार्रवाई सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि आरोपों में सच्चाई है तो दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही। वहीं यदि आरोप गलत हैं तो विभाग को सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। विभाग की चुप्पी से संदेह और बढ़ रहा है।
क्षेत्र में चर्चा यह भी है कि कहीं जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण में पूरा मामला दबाने की कोशिश तो नहीं की जा रही। जंगली सुअरों के शिकार जैसे गंभीर मामलों में यदि वन कर्मियों की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं तो इसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
वन्यजीव संरक्षण कानूनों के तहत शिकार एक गंभीर अपराध माना जाता है। ऐसे में वायरल वीडियो के सामने आने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि विभाग तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम सामने नहीं आने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
अब सवाल यह है कि क्या वन विभाग इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाएगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
पसान रेंज में वायरल वीडियो के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल ( cgcitynews portal वीडियो की पुष्टि नहीं करता )










