पसान में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र को लेकर बवाल, ग्रामीणों ने जताया भूमि स्वामित्व का दावा
कोरबा/पसान। ग्राम पंचायत पसान में शासकीय कन्या शाला के समीप निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र की भूमि को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि जिस भूमि पर आंगनबाड़ी भवन का निर्माण किया जा रहा है, वह शासकीय नहीं बल्कि निजी स्वामित्व की भूमि है। इस दावे के सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित भूमि वास्तव में निजी स्वामित्व की है, तो यह गंभीर जांच का विषय है कि आखिर सरकारी निर्माण कार्य किस आधार पर कराया जा रहा है। वहीं इस मामले ने एक और बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पसान क्षेत्र में बने अन्य शासकीय भवन भी निजी भूमि पर निर्मित हैं?
भूमि अभिलेखों की जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि राजस्व विभाग, तहसील प्रशासन और संबंधित विभाग संयुक्त रूप से भूमि अभिलेखों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। लोगों का कहना है कि यदि कहीं भी रिकॉर्ड में गड़बड़ी या अतिक्रमण पाया जाता है तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
सरकारी जमीन या निजी भूमि? सच सामने आना जरूरी
क्षेत्रवासियों का मानना है कि सरकारी योजनाओं के तहत बनने वाले भवनों के लिए भूमि का स्पष्ट रिकॉर्ड होना आवश्यक है। यदि निर्माण कार्य विवादित भूमि पर हो रहा है तो इससे भविष्य में कानूनी विवाद और सरकारी धन के दुरुपयोग जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
अब सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच पर टिकी हैं। जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र की भूमि का वास्तविक स्वामित्व किसके पास है और क्या सरकारी भवनों के निर्माण में भूमि संबंधी नियमों का पालन किया गया है या नहीं।










