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सुशासन तिहार में उठी पसान में महाविद्यालय खोलने की मांग, उच्च शिक्षा के लिए भटक रहे छात्र

कोरबा / पसान // सुशासन तिहार के तहत ग्राम पंचायत बैरा में सोमवार 11 मई को आयोजित समाधान शिविर में क्षेत्र के लिए महाविद्यालय की मांग जोर-शोर से उठी। शिविर में पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता ने शासन से आवेदन के माध्यम से कहा की पसान और आसपास के 15-20 गांवों के बच्चे उच्च शिक्षा के लिए पसान में शिक्षा प्राप्त करते है, पसान जिले का अंतिम कस्बा है बच्चों को उच्च अध्ययन प्राप्त करने के लिए दूसरे जिले के ऊपर निर्भर रहना पड़ता है क्योंकि जिले की महाविद्यालय की दुरी लगभग 75-80किलोमीटर है जहाँ जाकर पढ़ाई करना हर बच्चे के बस की बात नहीं है,अगर शासन पसान मे महाविद्यालय प्रारम्भ कर देगा तो इसका लाभ क्षेत्र के सैंकड़ो बच्चों को मिलेगा

शिविर में सभी विभागों के अधिकारी रहे मौजूद
सुशासन तिहार के तहत बैरा में लगे शिविर में SDM, तहसीलदार, BEO, स्वास्थ्य, महिला-बाल विकास, खाद्य और पंचायत विभाग के जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। शिविर में आम जनता की समस्याएं सुनी गईं और मौके पर कई आवेदनों का निराकरण भी किया गया।

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पसान में क्यों जरूरी है महाविद्यालय ?*

1. शिक्षा हब की कमी : जीपीएम जिला के पेंड्रा में महाविद्यालय हैं, पर पसान से 25 किमी दूर।और अन्य जिला होने के कारण एडमिशन मे परेशानी, रोज अप-डाउन बच्चों के लिए संभव नहीं।

2. जिला का अंतिम क़स्बा : पसान जिला का अंतिम क़स्बा है, यहां से जिले की महाविद्यालय की दुरी 75-80 किलोमीटर पड़ता है

 

*जनप्रतिनिधियों को भी होना होगा गंभीर

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स्थानीय विधायक और सांसद को भी पसान मे महाविद्यालय खोलने की मांग को लेकर गंभीर होना पड़ेगा “अगर 2026-27 के सत्र में महाविद्यालय मिल जाए तो यह पसान क्षेत्र के लिए सुशासन तिहार का सबसे बड़ा तोहफा होगा,”

शिविर में मौजूद पालकों ने भी इस मांग का समर्थन किया। ग्रामीण ने कहा, “हम मजदूर आदमी हैं पसान मे महाविद्यालय खुल जाए तो गरीब का बच्चा भी डॉक्टर-इंजीनियर बनने का सपना देख सकेगा।”

अब देखना होगा कि सुशासन तिहार में उठी यह मांग शासन की फाइलों से निकलकर जमीन पर कब उतरती है।

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Author: CG City News

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