रायगढ़। पेट्रोल और डीजल को लेकर देश भर में सतर्कता बरती जा रही है। खुद पीएम मोदी इसका इस्तेमाल कम करने को कह रहे हैं। किसी संभावित परेशानी को देखते हुए सभी पंपों को नियमानुसार संचालित किया जाना है। लेकिन हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कंपनी ने अपने पंपों को छूट दी है। वे चाहें तो बिना कोई रिकॉर्ड रखे, बिना अनुमति के पेट्रोल-डीजल बेच सकते हैैं। सोमवार को खाद्य विभाग ने जिस पंप पर कार्रवाई की, वह शहडोल के व्यक्ति को आवंटित है। यह बात बेहद पेचीदा है कि रायगढ़ के आदिवासी क्षेत्र तमनार में कोई पेट्रोल पंप खोला जाता है, जिसका लाइसेंस शहडोल निवासी व्यक्ति के नाम पर है। तमनार-मिलूपारा रोड स्थित मेसर्स एचपी मारुति एनर्जी सॉल्यूशन के नाम से पेट्रोल पंप स्थापित किया गया है।
खाद्य विभाग ने जब जांच की तब मौके पर 2 रिफ्यूलर टैंक क्रमांक सीजी 13 एएम 6699 टाटा अल्ट्रा क्षमता 6 किलोलीटर और टैंक क्रमांक सीजी 13 जेड 3895 महिन्द्रा बोलेरो क्षमता 2 किलोलीटर पाए गए। ये दोनों वाहन सियाराम फ्यूल्स देहजरी खरसिया के थे। पेट्रोल पंप का लाइसेंस ऋषभ मोर पिता अनिल मोर निवासी वार्ड 15, घरोला मोहल्ला, सांई मंदिर के पास शहडोल है। यह बेहद संदेहास्पद है क्योंकि एचपीसीएल ने दस्तावेज परीक्षण के बाद ही पंप आवंटित किया होगा। जांच के दौरान वहां अनिकेत अग्रवाल नामक व्यक्ति भी पहुंचा। सूत्रों के मुताबिक पंप के पीछे कोई और ही है।
400 लीटर पेट्रोल, 3000 लीटर डीजल गायब
स्टॉक में 15661 लीटर पेट्रोल और 6227 लीटर डीजल पाया गया जबकि स्टॉक पंजी के अनुसार 16000 लीटर पेट्रोल और 9699 लीटर डीजल पाया जाना था। करीब 400 लीटर पेट्रोल और 3000 लीटर डीजल किसको बेचा गया, किसी के पास जवाब नहीं है। पंप का निर्माण चल रहा है। स्थाई विद्युत कनेक्शन और डीजी सेट स्थापित नहीं किया गया था। बिना अनुमति के एचपीसीएल के अधिकारियों के संरक्षण में अवैध क्रय-विक्रय किया जा रहा था।
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