कोरबा, // । जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) कोरबा की शासी परिषद की महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, आबकारी, सार्वजनिक उपक्रम एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन की मुख्य उपस्थिति में आयोजित बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित विकास कार्यों की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई।
बैठक में मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए डीएमएफ योजना बनाई गई है, जो आज कोरबा जिले की प्रगति का मजबूत आधार बन चुकी है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ मद से जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, पुल-पुलिया और अधोसंरचना विकास के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं।

मंत्री श्री देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत कार्य गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ तय समय-सीमा में पूरे किए जाएं ताकि आम जनता को जल्द लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि निर्माण पोर्टल के माध्यम से आम नागरिक भी डीएमएफ कार्यों की जानकारी और प्रगति देख सकेंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026-27 में डीएमएफ की 70 प्रतिशत राशि स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसे उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर खर्च की जाएगी। शिक्षा क्षेत्र में 255 करोड़ रुपये की लागत से 16 पीएम श्री स्कूलों में वर्चुअल रियलिटी लैब और नीट-जेईई के लिए आवासीय कोचिंग की सुविधा शुरू की जाएगी।
वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए 67.18 करोड़ रुपये की राशि से मोबाइल मेडिकल यूनिट और एम्बुलेंस सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। पेयजल संकट को दूर करने के लिए 150 नए ट्यूबवेल और सौर ऊर्जा संचालित पंप लगाए जाएंगे।
खनन प्रभावित क्षेत्रों के लिए बनेगी पंचवर्षीय योजना
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने बताया कि खनन प्रभावित क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए 5 विकासखंडों के 782 गांवों में व्यापक बेसलाइन सर्वे कराया जा रहा है। इसके आधार पर आगामी पांच वर्षों की विकास योजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए निर्माण पोर्टल के माध्यम से सभी परियोजनाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और फंड ट्रैकिंग की जाएगी। साथ ही डीएमएफ से संबंधित शिकायतों के निराकरण के लिए टोल-फ्री नंबर भी जारी किया गया है।
पर्यावरण संरक्षण और रोजगार पर भी फोकस
बैठक में पर्यावरण संरक्षण के तहत एंटी-स्मॉग गन, सघन वृक्षारोपण और ग्रीन बेल्ट विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के अनुरूप खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी और आत्मनिर्भर आजीविका के नए अवसर सृजित करने की दिशा में भी कार्य किए जाएंगे।
बैठक में सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक श्री प्रेमचंद पटेल, श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, श्री फूल सिंह राठिया सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
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