कोरबा/पोड़ी-उपरोड़ा। जनपद पंचायत पोड़ी-उपरोड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) भूपेंद्र सोनवानी को स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद अब तक कार्यमुक्त (रिलीव) नहीं किए जाने का मामला अब जिला स्तर से निकलकर सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधियों और सरपंच संघ ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शासन के आदेश का तत्काल पालन कराने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि शासन द्वारा स्थानांतरण आदेश जारी किए जाने के बाद भी संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय-सीमा में कार्यमुक्त नहीं किया गया। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि इससे शासन के आदेशों की अवहेलना हो रही है और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि सीईओ भूपेंद्र सोनवानी के कार्यकाल के दौरान विभिन्न अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतें सामने आई हैं। साथ ही उनके कार्य व्यवहार को लेकर भी लंबे समय से असंतोष बना हुआ है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होने की बात कही गई है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि शासन के स्थानांतरण आदेश का तत्काल पालन कराते हुए सीईओ को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए।
अब उठ रहे हैं कई बड़े सवाल
यह पूरा घटनाक्रम कई राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल भी खड़े कर रहा है—
क्या जिले के जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी सामने आ रही है?
क्या जिले के मंत्री लखन लाल देवांगन तक मामला पहुंचने के बाद भी समाधान नहीं निकल पाया?
आखिर ऐसी कौन-सी वजह है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री तक गुहार लगानी पड़ी?
क्या शासन इस मामले में जल्द कोई बड़ा फैसला लेगा?
हालांकि, इन सवालों पर प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, ज्ञापन में लगाए गए आरोप जनप्रतिनिधियों के हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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