कोरबा/पसान। छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे स्वयं अतिक्रमण न करें और दूसरों को भी ऐसा करने से रोकें।
मंत्री के इस सख्त बयान के बाद अब कोरबा जिले के पसान में 70 वर्ष पुराने शासकीय सांस्कृतिक रंगमंच का मामला फिर चर्चा में आ गया है।
तहसीलदार की जांच में क्या सामने आया?
तहसीलदार द्वारा तैयार जांच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि शासकीय रंगमंच को बिना अनुमति तोड़ा गया। वहीं सीमांकन से जुड़े अभिलेखों के अनुसार, रंगमंच का केवल आंशिक हिस्सा ही संबंधित निजी भूमि से जुड़ा बताया गया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है।
अब सबसे बड़ा सवाल…
यदि राज्य सरकार सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है, तो क्या यही सख्ती पसान के शासकीय रंगमंच मामले में भी देखने को मिलेगी?
क्षेत्र के लोगों के बीच अब कई सवाल चर्चा में हैं—
क्या जांच प्रतिवेदन के आधार पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी?
क्या शासकीय संपत्ति को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाएगी?
क्या सरकारी भूमि और सार्वजनिक धरोहर की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी?
प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
अब पूरे मामले में निगाहें एसडीएम पोड़ी- उपरोड़ा , जिला प्रशासन और संबंधित राजस्व अधिकारियों पर हैं। आगे क्या कार्रवाई होती है, यह प्रशासनिक जांच, उपलब्ध अभिलेखों और कानून के अनुसार तय होगा।
पसान के नागरिकों का कहना है कि यदि कानून सभी के लिए समान है, तो सरकारी संपत्ति से जुड़े मामलों में भी निष्पक्ष और समान कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।
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