कोरबा, 27 मई 2026 // जिले में विकास कार्यों के लिए आवंटित शासकीय राशि के दुरुपयोग पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों के लिए जारी सरकारी धन का गबन करने वाले सरपंच, सचिव और संबंधित ठेकेदारों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जनता के विकास के लिए स्वीकृत राशि का किसी भी स्थिति में दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सोमवार को आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों और योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने एसडीएम को निर्देशित किया कि जिन मामलों में विकास कार्यों की राशि का दुरुपयोग या गबन पाया जाए, वहां तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर ने कोरबा जनपद पंचायत के सीईओ और कटघोरा नगर पालिका के सीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जनपद सीईओ और नगरीय निकायों को बैंक से समन्वय बनाकर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने को कहा।
नए शिक्षा सत्र को देखते हुए कलेक्टर ने स्कूल भवन निर्माण कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने पीडब्ल्यूडी, आरईएस सहित सभी निर्माण एजेंसियों को स्वीकृत स्कूल भवनों का कार्य शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं स्वामी आत्मानंद विद्यालय भवन निर्माण में लापरवाही पाए जाने पर पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता, एसडीओ और उप अभियंता को शोकॉज नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को छात्रों को समय पर गणवेश और पाठ्यपुस्तकों का वितरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही खाद्य विभाग को निर्देश दिए कि 30 जून तक सभी राशन दुकानों में खाद्यान्न का भंडारण कर लिया जाए तथा 1 से 10 जुलाई के बीच पात्र हितग्राहियों को राशन वितरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में वृद्धा एवं विधवा पेंशन योजनाओं की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ और नगर निगम आयुक्त को सर्वे कर ऐसे पात्र हितग्राहियों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए जो अब तक पेंशन योजना के लाभ से वंचित हैं, ताकि उन्हें शीघ्र लाभान्वित किया जा सके।
मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने खाद-बीज भंडारण और वितरण की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने कृषि एवं सहकारिता विभाग को किसानों से समन्वय स्थापित कर खाद-बीज वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा पीएम आवास योजना 2.0, पीएम जनमन, पीएम सूर्यघर योजना, आभा आईडी, मातृत्व वंदन योजना और कौशल विकास कार्यक्रमों की प्रगति बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने बैठक के अंत में मुख्यमंत्री जनदर्शन, पीएमओ, मानवाधिकार और कलेक्टर जनदर्शन से जुड़े लंबित प्रकरणों का समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने तथा आवेदकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
कलेक्टर की इस सख्त चेतावनी के बाद विकास कार्यों में अनियमितता बरतने वाले जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का साफ संदेश है कि जनता के पैसे में गड़बड़ी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।










