कोरबा/पसान। कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम खोडरी में हाथी के हमले से 40 वर्षीय ग्रामीण प्रताप सिंह वाकरे की मौत हो गई। शुक्रवार की रात गांव के समीप जंगल में डेरा जमाए करीब 52 हाथियों के झुंड को देखने गए प्रताप पर अचानक एक हाथी ने सूंड से हमला कर दिया। हमले के दौरान वह पास के गड्ढे में जा गिरा। घायल अवस्था में उसे पहले पसान के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर बिलासपुर रेफर किया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

हाथियों की चिंघाड़ सुनकर देखने पहुंचे थे ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 9 से 10 बजे के बीच ग्राम खोडरी के आसपास हाथियों का झुंड पहुंचा हुआ था। जंगल की ओर से हाथियों की चिंघाड़ सुनकर प्रताप सिंह वाकरे कुछ अन्य ग्रामीणों के साथ हाथियों को देखने चला गया। इसी दौरान झुंड में शामिल एक हाथी ने ग्रामीणों को दौड़ाना शुरू कर दिया। अन्य ग्रामीण किसी तरह भागने में सफल रहे, लेकिन प्रताप पीछे रह गया।
सूंड से हमला, गड्ढे में जा गिरा प्रताप
ग्रामीणों के मुताबिक, हाथी ने प्रताप पर सूंड से जोरदार हमला किया, जिससे वह समीप स्थित गड्ढे में जा गिरा। घटना के बाद हाथी अपने झुंड में लौट गया। कुछ देर बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और प्रताप को गड्ढे से बाहर निकाला। होश आने पर उसने हाथी की सूंड की ठोकर से गड्ढे में गिरने की जानकारी दी।
पसान से बिलासपुर रेफर, इलाज के दौरान मौत
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से घायल प्रताप को पसान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। परिजन उसे बिलासपुर के अस्पताल ले गए, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में शव को गृहग्राम खोडरी लाया गया।
वन अधिकारियों ने परिजनों को दी तत्कालिक सहायता
घटना की जानकारी मिलने के बाद कटघोरा के प्रभारी एसडीओ एवं प्रशिक्षु आईएफएस मृगजा जलिंधर यादव तथा पसान वन परिक्षेत्राधिकारी मनीष सिंह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। वन अधिकारियों ने विभागीय नियमों के अनुसार परिजनों को तत्कालिक सहायता राशि प्रदान की।

52 हाथियों के झुंड से ग्रामीणों में चिंता
ग्राम खोडरी के समीप करीब 52 हाथियों के झुंड की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। हाथियों की आवाजाही से आसपास के गांवों में भी सतर्कता जरूरी है। ग्रामीणों से अपील है कि वे हाथियों को देखने के लिए उनके नजदीक न जाएं, न ही उन्हें घेरने या भगाने की कोशिश करें। हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उनकी मौजूदगी की सूचना वन विभाग को दें।
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