पसान/ कोरबhttps://cgcitynews.in // कटघोरा वन मंडल के पसान वन परिक्षेत्र में इन दिनों हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। करीब 32 हाथियों का दल पिछले कुछ दिनों से ताराईनार और मोहनपुर क्षेत्र में डेरा डाले हुए है। हाथियों के खेतों में पहुंचने से धान की फसल को नुकसान हो रहा है। फसल और घरों की सुरक्षा के लिए ग्रामीण रातभर जागकर हाथियों की निगरानी करने को मजबूर हैं।
खेतों में पहुंचा 32 हाथियों का दल, धान की फसल को नुकसान
बताया जा रहा है कि बीती रात हाथियों का दल ताराईनार क्षेत्र के खेतों में पहुंच गया और धान की फसल को रौंदकर नुकसान पहुंचाया। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। अपनी फसल और घरों को सुरक्षित रखने के लिए ग्रामीणों ने रातभर जागकर हाथियों को आबादी और खेतों से दूर रखने का प्रयास किया।


ग्रामीण मशाल और पटाखों की मदद से हाथियों को खेतों से दूर भगाने की कोशिश करते नजर आए। इस दौरान ग्रामीण लगातार हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रहे।
ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ी
हाथियों के लगातार क्षेत्र में मौजूद रहने से ग्रामीणों को रात में अपने घरों और खेतों की सुरक्षा की चिंता सताने लगी है। ग्रामीणों का कहना है कि 32 हाथियों का पूरा दल यदि किसी खेत में प्रवेश कर जाए तो कुछ ही समय में बड़ी मात्रा में धान की फसल बर्बाद हो सकती है।
किसानों के मुताबिक, खेती उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में फसल को हाथियों से होने वाला नुकसान उनके लिए बड़ी आर्थिक परेशानी बन जाता है।
वन विभाग की निगरानी पर उठ रहे सवाल
हाथियों की लगातार मौजूदगी के बीच ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग की टीम हाथियों की निगरानी तो करती है, लेकिन हाथियों को खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंचने से रोकने के लिए स्थायी या प्रभावी व्यवस्था नजर नहीं आती।
ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों के कारण हर साल फसलों को नुकसान होता है, लेकिन नुकसान की तुलना में मिलने वाला मुआवजा काफी कम होता है। उनका कहना है कि फसल बर्बाद होने के बाद मुआवजा मिलने की प्रक्रिया से उनकी वास्तविक आर्थिक क्षति पूरी नहीं हो पाती।
हाथियों से सुरक्षा के लिए ग्रामीणों को खुद करना पड़ रहा इंतजाम
हाथियों की मौजूदगी के बीच ग्रामीणों की सबसे बड़ी चिंता अपनी जान और फसल की सुरक्षा को लेकर है। रात में खेतों के आसपास समूह बनाकर ग्रामीण निगरानी कर रहे हैं। मशाल और पटाखों के सहारे हाथियों को दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है।
वन विभाग की ओर से हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखे जाने की बात सामने आ रही है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि हाथियों की निगरानी के साथ-साथ फसल और आबादी की सुरक्षा के लिए प्रभावी रणनीति बनाई जाए, ताकि किसानों को हर रात डर के साये में न रहना पड़े।
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सावधानी जरूरी: हाथियों को खुद भगाने की कोशिश करना ग्रामीणों के लिए जानलेवा हो सकता है। हाथियों के करीब जाने या उन्हें घेरने के बजाय वन विभाग को सूचना देना और सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।





















