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मुंबई आरटीओ में फर्जी एनओसी रैकेट का भंडाफोड़, जाली दस्तावेजों से चल रहा था बड़ा खेल

मुंबई आरटीओ में फर्जी एनओसी रैकेट का भंडाफोड़, जाली दस्तावेजों से चल रहा था बड़ा खेल

Cgcitynews ब्यूरो: मुंबई के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है, जिसने वाहन पंजीकरण और एनओसी (NOC) प्रक्रिया की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस और आरटीओ की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ है, जो पिछले काफी समय से जाली वित्तीय दस्तावेजों और फर्जी एनओसी के जरिए वाहनों के हस्तांतरण का अवैध धंधा चला रहा था।

कैसे काम करता था यह फर्जीवाड़ा?

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह मुख्य रूप से उन वाहनों को निशाना बनाता था जिन पर बैंक का लोन बकाया होता था। आरोपी बैंक से जारी होने वाली ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ (NOC) को कंप्यूटर के जरिए हूबहू तैयार कर लेते थे। इसके लिए वे फर्जी मुहरों और जाली हस्ताक्षरों का इस्तेमाल करते थे। इस एनओसी के दम पर वे आरटीओ के सिस्टम में सेंध लगाकर वाहनों का मालिकाना हक बदल देते थे।

पुलिस की कार्रवाई और खुलासे

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस रैकेट में आरटीओ के कुछ दलालों के साथ मिलकर बाहरी तत्वों की संलिप्तता पाई गई है। अब तक कई ऐसे मामलों की पहचान की गई है जहां बैंक को इस बात की भनक तक नहीं लगी कि उनके नाम पर जारी एनओसी फर्जी है।

पुलिस ने इस मामले में कई लोगों को हिरासत में लिया है और उनके पास से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, कंप्यूटर हार्डवेयर और जाली मुहरें बरामद की गई हैं। फिलहाल, आरटीओ प्रशासन ने पिछले छह महीनों में जारी की गई सभी एनओसी की ऑडिट शुरू कर दी है।

  • फर्जी एनओसी के जरिए लोन वाले वाहनों की अवैध खरीद-फरोख्त।
  • बैंक की फर्जी मुहरों और लेटरहेड का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल।
  • आरटीओ डेटाबेस में हेरफेर करने के लिए दलालों की सक्रिय भूमिका।
  • प्रशासन द्वारा संदिग्ध एनओसी की गहन जांच के आदेश।

इस घटना के बाद आरटीओ ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक डिजिटल और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके।

CG City News
Author: CG City News

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