Cgcitynews ब्यूरो: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश भर के अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। अब किसी भी मेडिकल डिवाइस के कारण होने वाली गंभीर प्रतिकूल घटनाओं (Adverse Events) की रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से सरकार को देनी होगी। इस कदम का उद्देश्य मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता पर कड़ी निगरानी रखना है।

क्या है नया नियम और इसकी प्रक्रिया?
स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाले केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने स्पष्ट किया है कि अस्पतालों को मेडिकल डिवाइस से जुड़ी किसी भी अनहोनी या खराबी की जानकारी तुरंत साझा करनी होगी। यदि किसी उपकरण के उपयोग से मरीज की जान को खतरा होता है या स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ता है, तो उसकी विस्तृत रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर ‘मेडिकल डिवाइस एडवर्स इवेंट रिपोर्टिंग’ पोर्टल पर दर्ज करानी होगी।
अस्पतालों की जिम्मेदारी और जवाबदेही
विशेषज्ञों का मानना है कि यह नियम चिकित्सा जगत में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब तक कई बार उपकरणों की खराबी की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती थी, जिससे सुधार की प्रक्रिया धीमी रहती थी।
अस्पतालों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके परिसर में उपयोग किए जा रहे उपकरणों का डेटा सटीक हो। किसी भी गंभीर घटना की अनदेखी अब कानूनी रूप से अस्पतालों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
इस निर्देश के मुख्य बिंदु:
- सभी सरकारी और निजी अस्पतालों पर यह नियम समान रूप से लागू होगा।
- 15 दिनों की समय सीमा का पालन न करने पर सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
- उपकरणों की गुणवत्ता में सुधार के लिए डेटा का विश्लेषण किया जाएगा।
- मरीजों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय का यह निर्णय चिकित्सा उपकरणों के विनिर्माण और उनके उपयोग के बीच एक मजबूत कड़ी स्थापित करेगा, जिससे भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने में मदद मिलेगी।
Author: CG City News





















