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एंटीबायोटिक के अंधाधुंध इस्तेमाल पर पंजाब सरकार सख्त, इलाज से पहले जांच अनिवार्य

एंटीबायोटिक के अंधाधुंध इस्तेमाल पर पंजाब सरकार सख्त, इलाज से पहले जांच अनिवार्य

Cgcitynews ब्यूरो: पंजाब सरकार ने राज्य में एंटीबायोटिक दवाओं के बढ़ते दुरुपयोग और एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) के खतरे को देखते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि अब बिना उचित जांच और डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवाएं नहीं दी जाएंगी।

इलाज से पहले जांच पर जोर

स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि मरीजों में एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति बढ़ती प्रतिरोधक क्षमता एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। नई गाइडलाइन के अनुसार, अब किसी भी मरीज को एंटीबायोटिक देने से पहले संक्रमण की सटीक पहचान के लिए लैब टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है। इससे अनावश्यक दवाओं के सेवन पर रोक लगेगी और मरीजों को सही उपचार मिल सकेगा।

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि एंटीबायोटिक दवाओं का मनमाना उपयोग भविष्य में एक बड़ी स्वास्थ्य आपदा को जन्म दे सकता है। डॉक्टरों को सलाह दी गई है कि वे केवल तभी एंटीबायोटिक लिखें जब उनकी अत्यंत आवश्यकता हो।

मुख्य बिंदु

  • बिना लैब रिपोर्ट के एंटीबायोटिक दवाओं के प्रिस्क्रिप्शन पर रोक।
  • अस्पतालों में एंटीबायोटिक ऑडिट की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
  • दवा दुकानदारों को बिना वैध पर्चे के एंटीबायोटिक न बेचने के निर्देश।
  • आम जनता को एंटीबायोटिक के सही उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा।

पंजाब सरकार का यह निर्णय एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस को नियंत्रित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों और चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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Author: CG City News

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