Cgcitynews ब्यूरो: पंजाब में नशे के खिलाफ जारी जंग और सरकारी दावों के बीच एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जिसने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगरूर जिले के नमोला गांव के निवासी जग्गा सिंह ने डीसी कार्यालय के बाहर जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान देने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पंजाब की राजनीति में उबाल आ गया है।

कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला
कांग्रेस नेता और पंजाब में पार्टी के चुनाव प्रभारी ने इस घटना को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जग्गा सिंह लंबे समय से नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे थे, जिसके कारण उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं और प्रशासन द्वारा उन्हें परेशान किया जा रहा था।
नशे के खिलाफ वीडियो पोस्ट करने के कारण जग्गा सिंह को लगातार धमकियां दी जा रही थीं। पंजाब को नशा मुक्त बनाने के बड़े-बड़े दावों के बीच, ऐसी घटनाएं राज्य सरकार और प्रशासन की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती हैं।
घटना के मुख्य बिंदु
- जग्गा सिंह नमोला गांव के रहने वाले हैं और नशे के खिलाफ सोशल मीडिया पर सक्रिय थे।
- पीड़ित ने डीसी कार्यालय के बाहर जहर खाकर अपनी व्यथा जाहिर की।
- आरोप है कि नशा माफिया के खिलाफ बोलने पर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था।
- विपक्ष ने इसे ‘नशा मुक्त पंजाब’ के दावों की पोल खोलने वाली घटना करार दिया है।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह उठता है कि यदि एक नागरिक नशे के खिलाफ आवाज उठा रहा था और उसे धमकियां मिल रही थीं, तो पुलिस और जिला प्रशासन ने समय रहते सुरक्षा क्यों नहीं दी? फिलहाल, जग्गा सिंह का इलाज चल रहा है और पूरे मामले की जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
Author: CG City News





















