बिलासपुर // जिले में पुलिस प्रशासन को गुमराह कर निर्दोष युवकों को संगीन जुर्म में फंसाने की कोशिश का एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मामला सामने आया है। सकरी थाने में आधी रात फटे कपड़ों में पहुंचकर सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) की झूठी शिकायत दर्ज कराने वाली नाबालिग लड़की का पूरा घटनाक्रम जांच में पूरी तरह फर्जी पाया गया है। जांच के बाद मामला सिविल लाइन थाने को भेज दिया गया है।

एएसपी पंकज कुमार पटेल ने इस घटनाक्रम की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि नाबालिग किशारी और दो युवकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार गहन मनोवैज्ञानिक पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आपसी रंजिश भुनाने के लिए दो शातिर युवकों ने 30 हजार रुपये का लालच देकर नाबालिग से यह झूठा नाटक रचवाया था। दुष्कर्म का आरोप लगाकर चार युवकों को जेल भिजवाने के लिए यह साजिश रची गई थी। घटना की शुरुआत उस वक्त हुई जब बिलासपुर के सकरी थाने में एक नाबालिग लड़की बेहद डरी सहमी स्थिति में और अपने फटे कपड़ों के साथ पहुंची। उसने थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों के सामने रोते हुए आरोप लगाया कि चार युवकों ने उसे जबरन हवस का शिकार बनाया है और उसके साथ दरिंदगी करते हुए सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम दिया है। चूंकि मामला सीधे तौर पर नाबालिग से दुष्कर्म का और बेहद संवेदनशील था, इसलिए सकरी पुलिस के आला अधिकारी तुरंत हरकत में आए और त्वरित जांच शुरू कर दी।
30,000 रुपये का लालच और रंजिश का खेल
पुलिस जांच में सामने आया कि सैदा और जरहाभाठा मिनीबस्ती इलाके के रहने वाले चार युवकों की स्थानीय लड़कों के साथ पुरानी और गंभीर रंजिश चल रही थी। अपने विरोधियों को कानूनी शिकंजे में फंसाकर सलाखों के पीछे भिजवाने और बाद में समझौते के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठने (ब्लैकमेल) की नीयत से दोनों मुख्य साजिशकर्ताओं ने यह खौफनाक योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने नाबालिग लड़की को मोहरा बनाया और उसे 30 हजार रुपये देने का वादा करके फर्जी एफआईआर दर्ज कराने के लिए राजी कर लिया। साजिश की पटकथा के अनुसार, मास्टरमाइंड्स ने खुद ही नाबालिग के कपड़े फाड़े और उसे झूठे घटनाक्रम की पूरी मनगढ़ंत कहानी रटा दी। इसके बाद उसे फटे कपड़ों में ही थाने के लिए रवाना किया गया ताकि मामला वास्तविक और गंभीर दिखे। शुरुआती पल में पुलिस भी इस दृश्य को देखकर सकते में आ गई थी, लेकिन अधिकारियों की सूझबूझ और वैज्ञानिक जांच तकनीक से इस फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया।
मास्टरमाइंड्स पर पुलिस का कड़ा प्रहार
साजिश की परतें खुलने के बाद सकरी पुलिस ने राहत की सांस ली और तुरंत मामले का रुख मोड़ते हुए मुख्य आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि निर्दोष लोगों को संगीन और झूठे मामलों में फंसाने, फर्जी साक्ष्य तैयार करने, कानून को गुमराह करने और पुलिस प्रशासन का कीमती समय बर्बाद करने वाले आरोपियों के खिलाफ विभिन्न कठोर आपराधिक धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
महिला अधिकारियों की पूछताछ और बयानों में विरोधाभास
प्रारंभिक जांच के दौरान जब महिला पुलिस अधिकारियों ने कानून के मानकों के तहत पीड़िता से अलग- अलग चरणों में बातचीत की, तो घटनाक्रम में दरारें दिखने लगीं। घटना के सही समय, स्थान और आरोपियों के हुलिए को लेकर जब अलग- अलग सवाल दागे गए, तो नाबालिग के बयानों में बार- बार बदलाव और भारी विरोधाभास नजर आने लगा। संदिग्ध आचरण और बयानों की असमानता को देखते हुए पुलिस का संदेह गहरा गया, जिसके बाद वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तरीकों से कड़ाई से पूछताछ की गई। पुलिस के तीखे सवालों के आगे नाबालिग ज्यादा देर टिक नहीं सकी और फूट-फूट कर रोते हुए पूरी रंजिश की साजिश का सच उगल दिया।
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