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रूसी प्रतिबंधों पर भारत का दो टूक जवाब, कहा- हम किसी के दबाव में काम नहीं करते

रूसी प्रतिबंधों पर भारत का दो टूक जवाब, कहा- हम किसी के दबाव में काम नहीं करते

Cgcitynews ब्यूरो: भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर एक बार फिर अपनी स्वतंत्र विदेश नीति को मजबूती से दोहराया है। रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों और उससे जुड़े विधेयकों के संदर्भ में पूछे गए एक सवाल के जवाब में सरकार ने साफ कर दिया है कि भारत की नीतियां किसी बाहरी दबाव या प्रभाव में तय नहीं होतीं। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखता है और वैश्विक स्तर पर अपने फैसले लेने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र है।

स्वतंत्र विदेश नीति पर अडिग भारत

हाल के घटनाक्रमों में जब रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच वैश्विक शक्तियों ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाए, तब भी भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता को प्राथमिकता दी। सरकार का यह रुख स्पष्ट करता है कि भारत की कूटनीतिक दिशा किसी तीसरे देश के एजेंडे से प्रभावित नहीं होती।

भारत एक संप्रभु राष्ट्र है और हमारी विदेश नीति हमारे अपने राष्ट्रीय हितों और मूल्यों द्वारा निर्देशित होती है। हम किसी भी देश के दबाव में आकर अपने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को प्रभावित नहीं होने देंगे।

प्रमुख बिंदु

  • भारत अपनी ऊर्जा और रक्षा जरूरतों के लिए स्वतंत्र निर्णय लेने में सक्षम है।
  • रूसी प्रतिबंधों का असर भारत के द्विपक्षीय संबंधों पर नहीं पड़ेगा।
  • सरकार ने स्पष्ट किया कि कूटनीतिक फैसले राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर लिए जाते हैं।
  • भारत का रुख हमेशा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ और शांतिपूर्ण संवाद पर आधारित रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का यह रुख वैश्विक राजनीति में उसकी बढ़ती धमक को दर्शाता है। एक उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में, भारत ने यह साबित किया है कि वह वैश्विक दबावों के बावजूद अपनी रणनीतिक स्वायत्तता को बनाए रखने का माद्दा रखता है। सरकार का यह बयान उन अटकलों पर भी विराम लगाता है जो समय-समय पर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की निष्पक्षता को लेकर उठती रही हैं।

CG City News
Author: CG City News

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