cgcitynews.in ब्यूरो: गुड़गांव में घर खरीदारों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। हरियाणा रेरा (HRERA) ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बिल्डर को निर्देश दिया है कि वह फ्लैट की डिलीवरी में देरी के लिए खरीदार को 10.8 प्रतिशत की दर से ब्याज का भुगतान करे। यह फैसला उन लोगों के लिए नजीर बन सकता है जो सालों से अपने सपनों के घर का इंतजार कर रहे हैं।

मामले की पूरी जानकारी
यह मामला गुड़गांव के एक प्रमुख प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जहां खरीदार ने बिल्डर पर फ्लैट समय पर न सौंपने और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए थे। रेरा की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि बिल्डर अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकता। हालांकि, प्राधिकरण ने खरीदार द्वारा लगाए गए धोखाधड़ी के आरोपों को पर्याप्त सबूतों के अभाव में खारिज कर दिया, लेकिन देरी के लिए मुआवजे को जायज ठहराया।
रेरा का सख्त रुख
प्राधिकरण ने अपने आदेश में कहा है कि बिल्डर और खरीदार के बीच हुए समझौते के अनुसार, यदि प्रोजेक्ट पूरा करने में देरी होती है, तो बिल्डर को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 2 प्रतिशत जोड़कर ब्याज देना अनिवार्य है।
मुख्य निष्कर्ष और निर्देश
- बिल्डर को फ्लैट हैंडओवर में हुई देरी की अवधि के लिए 10.8% वार्षिक ब्याज देना होगा।
- खरीदार द्वारा लगाए गए धोखाधड़ी और जालसाजी के गंभीर आरोपों को रेरा ने खारिज कर दिया है।
- ब्याज की गणना उस तारीख से की जाएगी, जिस तारीख को फ्लैट का पजेशन देने का वादा किया गया था।
- बिल्डर को आदेश का पालन करते हुए जल्द से जल्द बकाया राशि का भुगतान करने को कहा गया है।
जानकारों का मानना है कि रेरा का यह फैसला बिल्डरों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए एक कड़ा संदेश है। गुड़गांव जैसे रियल एस्टेट हब में जहां अक्सर प्रोजेक्ट्स में देरी की शिकायतें आती हैं, वहां इस तरह के आदेश खरीदारों का भरोसा बहाल करने में मदद करेंगे।
Author: CG City News





















