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करोड़ों का खर्च, फिर भी बदहाल चंडीगढ़ का ‘दिल’: सेक्टर-17 की चमक हुई फीकी

करोड़ों का खर्च, फिर भी बदहाल चंडीगढ़ का 'दिल': सेक्टर-17 की चमक हुई फीकी

cgcitynews.in ब्यूरो: कभी चंडीगढ़ की शान और शहर का ‘दिल’ कहे जाने वाले सेक्टर-17 की रौनक अब धीरे-धीरे इतिहास के पन्नों में सिमटती जा रही है। प्रशासन द्वारा सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे के सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जाने के बावजूद, आज यह इलाका अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। टूटी सड़कें, जर्जर होती इमारतें और रखरखाव का अभाव इस बात की गवाही दे रहे हैं कि शहर का यह मुख्य व्यापारिक केंद्र उपेक्षा का शिकार है।

विकास के दावों की खुली पोल

पिछले कुछ वर्षों में सेक्टर-17 के कायाकल्प के लिए कई बड़ी परियोजनाएं शुरू की गईं। फुटपाथों को नया रूप देने से लेकर लाइटिंग और बैठने की व्यवस्था तक पर भारी बजट खर्च किया गया। हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर है। स्थानीय दुकानदारों और यहां आने वाले सैलानियों का कहना है कि काम की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि कुछ ही महीनों में सब कुछ उखड़ने लगा है।

स्थानीय व्यापारी संघ के एक प्रतिनिधि ने कहा, ‘हमने प्रशासन को बार-बार पत्र लिखे हैं कि सेक्टर-17 की स्थिति दयनीय हो गई है। करोड़ों खर्च करने के बाद भी यहां की सफाई व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर में कोई सुधार नहीं दिख रहा है, जिससे व्यापार पर भी बुरा असर पड़ रहा है।’

प्रमुख समस्याएं जो सेक्टर-17 को बना रही हैं बेजान

  • जर्जर फुटपाथ: पैदल चलने वालों के लिए बनाए गए रास्ते अब जगह-जगह से टूट चुके हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
  • रखरखाव का अभाव: करोड़ों की लागत से लगी स्ट्रीट लाइट्स और फव्वारे लंबे समय से बंद पड़े हैं।
  • पार्किंग की समस्या: बढ़ती भीड़ के बीच व्यवस्थित पार्किंग न होने से सेक्टर की पूरी व्यवस्था चरमरा गई है।
  • अतिक्रमण का जाल: मुख्य गलियारों में अवैध रेहड़ी-पटरी वालों के कारण ग्राहकों का चलना मुश्किल हो गया है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल

चंडीगढ़ प्रशासन के अधिकारी अक्सर सेक्टर-17 को ‘स्मार्ट’ बनाने की बात करते हैं, लेकिन धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई न होना चिंता का विषय है। शहर के इस प्रतिष्ठित इलाके की दुर्दशा न केवल स्थानीय निवासियों को निराश कर रही है, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी चंडीगढ़ की छवि को नुकसान पहुंचा रही है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब तक इस ‘दिल’ की धड़कन को दोबारा बहाल करने के लिए कोई ठोस कदम उठाता है।

CG City News
Author: CG City News

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