कोरबा/पसान। कोरबा जिले के पसान क्षेत्र में वर्षों से महाविद्यालय खोलने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक यह मांग सिर्फ कागजों और आवेदन पत्रों तक ही सीमित है। इसी बीच परीक्षा देने पेंड्रा जा रही एक छात्रा की सड़क हादसे में मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि पसान और आसपास के सैकड़ों विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं परीक्षाओं के लिए हर दिन लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कॉलेज नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को 70 से 90 किलोमीटर तक का सफर करना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
वर्षों से हो रही है महाविद्यालय की मांग
स्थानीय नागरिकों द्वारा शासन-प्रशासन को कई बार आवेदन सौंपकर पसान में महाविद्यालय खोलने की मांग की जा चुकी है। हाल ही में सुशासन तिहार में भी इस मांग को लेकर आवेदन दिया गया, जिसमें कहा गया कि 12वीं के बाद विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ता है।
छात्रा की मौत के बाद फिर उठे सवाल
सोन नदी पुल पर हुए ताजा सड़क हादसे में एक छात्रा की मौत के बाद लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि क्षेत्र में महाविद्यालय की सुविधा होती तो शायद विद्यार्थियों को इतनी दूर यात्रा नहीं करनी पड़ती और ऐसे हादसों का जोखिम भी कम होता।
“शिक्षा के लिए नहीं, जान बचाने के लिए भी कॉलेज जरूरी”
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि यह सिर्फ शिक्षा का नहीं बल्कि सुरक्षा का भी मुद्दा है। क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर लगा है। लोगों ने सरकार से मांग की है कि पसान में जल्द से जल्द शासकीय महाविद्यालय की स्थापना की जाए ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए लंबी और जोखिम भरी यात्राएं न करनी पड़ें।
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पसान में कॉलेज नहीं होने के कारण छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा और परीक्षाओं के लिए दूर जाना पड़ता है। आज सुबह परीक्षा देने जा रही एक छात्रा की सड़क हादसे में मौत के बाद क्षेत्र में महाविद्यालय खोलने की मांग तेज हो गई है।

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