Korba / podi uproda // कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा जनपद पंचायत में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच टकराव अब खुली लड़ाई में बदलता नजर आ रहा है। सामान्य सभा के बहिष्कार के बाद नाराज जनपद सदस्यों ने जनपद पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया, जिससे जनपद सीईओ समेत कई कर्मचारी कार्यालय के अंदर ही फंस गए।

भ्रष्टाचार और जानकारी छिपाने के आरोपों पर भड़का आक्रोश
धरने पर बैठे जनपद सदस्यों का आरोप है कि विकास कार्यों की जानकारी, निर्माण कार्यों की आईडी और वित्तीय मामलों में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। कई बार मांग करने के बावजूद जानकारी नहीं मिलने से नाराज सदस्यों ने पहले सामान्य सभा का बहिष्कार किया और फिर आंदोलन को उग्र रूप दे दिया।
कार्यालय के बाहर प्रदर्शन, अंदर फंसे अधिकारी
प्रदर्शनकारी जनप्रतिनिधियों ने कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए मुख्य गेट पर ताला लगा दिया। इससे कार्यालय में मौजूद सीईओ सहित कई अधिकारी और कर्मचारी बाहर नहीं निकल सके। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई।
“भ्रष्टाचार पर कार्रवाई तक जारी रहेगा आंदोलन”
जनपद सदस्यों का कहना है कि जब तक कथित भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और जानकारी छिपाने के मामलों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने साफ कहा कि जनप्रतिनिधियों के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन की बढ़ी मुश्किलें
कार्यालय में तालाबंदी की घटना के बाद प्रशासनिक अमले में भी हलचल बढ़ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की नजर पूरे घटनाक्रम पर बनी हुई है।










