रायपुर ( Chhattisgarh School Reopen 2026) छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी के कारण ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाए जाने की तमाम अटकलों पर शुक्रवार को स्कूल शिक्षा विभाग ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है। विभाग ने 16 जून 2026 से ही राज्य के सभी शासकीय और अशासकीय स्कूलों को खोलने का स्पष्ट आदेश मंत्रालय (महानदी भवन) से जारी कर दिया है। मानसून की दस्तक और मौसम में आए बदलाव के बीच जारी इस आदेश से यह तय हो गया है कि नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत पूर्व निर्धारित समय यानी मंगलवार, 16 जून से ही ‘शाला प्रवेश उत्सव’ के गरिमामय आयोजन के साथ होगी और पहले ही दिन से समय-सारणी के अनुसार नियमित कक्षाएं लगेंगी।
व्यापक तैयारियों के साथ होगा शाला प्रवेश उत्सव
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह द्वारा 12 जून 2026 को सभी कलेक्टरों, जिला पंचायत सीईओ और जिला शिक्षा अधिकारियों को एक बेहद विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप छात्रों को स्वच्छ और गुणवत्तायुक्त माहौल देने के लिए 15 जून तक शाला भवनों की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परिसर को आकर्षक और ‘प्रिंट-रिच’ बनाया जा सके। प्रवेश उत्सव के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा, जिसके तहत गांवों और शहरी वार्डों में मुनादी कराई जाएगी तथा रैलियां निकाली जाएंगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि शाला प्रवेश उत्सव के लिए विभाग की ओर से पृथक से कोई बजट देय नहीं होगा, बल्कि जिला स्तर पर उपलब्ध स्थानीय संसाधनों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से ही इस कार्यक्रम को सफल बनाना है।
शिक्षकों के लिए तीन महीने का रोडमैप
नया शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले ही जिला और विकासखंड स्तर पर शिविर लगाकर शिक्षकों की लंबित समस्याओं का त्वरित निराकरण किया जाएगा। इसके साथ ही, कक्षा और विषय शिक्षकों को आगामी तीन महीने की अध्यापन कार्ययोजना (रोडमैप) पहले से तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 16 जून को जब बच्चे स्कूल पहुंचेंगे, तो नन्हें-मुन्हें नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक लगाकर भव्य अभिनंदन किया जाएगा। इसी दिन पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश और साइकिल का वितरण भी सुनिश्चित किया जाएगा। समुदाय और दानदाताओं के सहयोग से बच्चों को स्लेट, पेंसिल, कॉपी और स्कूल बैग भी प्रदान किए जा सकते हैं। कक्षा पहली में प्रवेश के लिए सीधे आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों की सूची प्राप्त की जाएगी।
निरीक्षण के लिए नोडल अधिकारी तैनात
विभाग की इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की मुख्यधारा से दूर हो चुके शाला त्यागी बच्चों को प्रेरित कर वापस स्कूल से जोड़ना और विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना है। प्रवेश उत्सव भलीभांति संपन्न हो, इस दृष्टिकोण से जिला, ब्लॉक और संकुल स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जो स्कूलों का सतत निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार अकादमिक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। प्रवेश उत्सव के दौरान बोर्ड और स्थानीय परीक्षाओं में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले मेधावी विद्यार्थियों के साथ-साथ शाला परिवार द्वारा उत्कृष्ट पालकों को भी सम्मानित किया जाएगा।











