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कलेक्ट्रेट जनदर्शन में ‘इच्छा मृत्यु’ मांगने पहुंचा युवक, खुद पर उड़ेल लिया केरोसिन! मौत के मुंह से खींच लाया जवान.. मचा हड़कंप

धमतरी मंगलवार    कलेक्ट्रेट जनदर्शन का  दिन था और प्रशासनिक दफ्तर में रोजमर्रा की तरह लोगों की भीड़ अपने-अपने कामों में उलझी थी। तभी अचानक एक ऐसी घटना घटी जिसने वहां मौजूद हर शख्स के होश फाख्ता कर दिए। अपने हाथ में केरोसिन की बोतल लिए एक बेबस और हताश युवक अचानक सामने आया और जोर-जोर से चिल्लाते हुए उसने वह केरोसिन अपने ही शरीर पर उड़ेल लिया। वह चीख-चीख कर इंसाफ की गुहार लगा रहा था। और अपने जेब से उसने माचिस निकला इससे पहले कि वह खुद को आग के हवाले करता, वहां एक पल के लिए सन्नाटा खिंच गया और फिर चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग बेशर्मों की तरह मोबाइल निकाल कर वीडियो बनाने लगे। यह मंजर किसी फिल्मी दृश्य जैसा था, लेकिन यह एक आम आदमी की उस हताशा का असली चेहरा था जो सिस्टम और रसूखदारों की चौखट पर टूट चुका था।

सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से टला बड़ा खौफनाक हादसा

कलेक्ट्रेट जनदर्शन में क्या हुआ? कलेक्ट्रेट जनदर्शन में जवान ने कैसे बचाई जान?

यह पूरा हाई वोल्टेज ड्रामा छत्तीसगढ़ के धमतरी स्थित कलेक्टोरेट परिसर में देखने को मिला। युवक की इस खौफनाक हरकत को देखकर वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए, लेकिन उन्होंने बिना एक भी सेकंड गंवाए गजब की फुर्ती दिखाई। सुरक्षा बलों ने तुरंत दौड़कर उस युवक को दबोच लिया और उसके हाथों से माचिस और बाकी चीजें दूर फेंक दीं। अगर उन जवानों ने पलक झपकने भर की भी देरी की होती, तो शायद आज एक जिंदा इंसान सबके सामने जलकर राख हो जाता। बहरहाल, जवानों की सूझबूझ से एक बहुत बड़ी अनहोनी टल गई और आत्मदाह की कोशिश कर रहे युवक को सुरक्षित काबू में ले लिया गया।

बीजेपी पार्षद पर लगाए मानसिक प्रताड़ना के संगीन इल्जाम

आखिर एक जीता-जागता इंसान इस हद तक कैसे पहुंच गया कि उसे अपनी जान की भी परवाह नहीं रही? जब इस बात की तहकीकात हुई, तो मामले के तार सीधे सत्ताधारी दल से जुड़े निकले। अपनी जान देने पर उतारू इस युवक ने स्थानीय भाजपा पार्षद नीलेश लुनिया पर प्रताड़ना के बेहद गंभीर आरोप मढ़े हैं। उसका साफ कहना है कि रसूख के नशे में चूर होकर उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है और उसके साथ घोर अन्याय हो रहा है। पीड़ित के मुताबिक, यह सिर्फ एक दिन का गुस्सा नहीं था, बल्कि वह काफी लंबे समय से इस प्रताड़ना के कारण घुट-घुट कर जी रहा था। जब पानी सिर से ऊपर चला गया, तो उसे अपनी आवाज हुक्मरानों तक पहुंचाने का यही एक आखिरी और खौफनाक रास्ता नजर आया।

घर के दरवाजे पर खोद दिया गया गड्ढा, बेदखली की साजिश

युवक की पीड़ा यहीं खत्म नहीं होती। उसने अफसरों के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उसे परेशान करने के लिए उसके मकान के ठीक सामने जानबूझकर एक बड़ा गड्ढा खोद दिया गया है। इस वजह से उसके और उसके परिवार के लिए अपने ही घर से बाहर निकलना मुहाल हो गया है। चलना-फिरना तो दूर, रोजमर्रा की जिंदगी जीना एक सजा बन गया है। इतना ही नहीं, पीड़ित ने यह भी सनसनीखेज खुलासा किया कि उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपना मकान खाली कर दे और इलाके से बेदखल हो जाए। इसी खौफ और मानसिक दबाव ने उसे कलेक्टोरेट में आकर ऐसा आत्मघाती कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।

प्रशासनिक अमले में हड़कंप, अब जांच की आंच पर टिकी नजरें

इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद प्रशासनिक महकमे की नींद भी टूट गई है। आनन-फानन में बड़े अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया और पीड़ित युवक की शिकायत को विस्तार से सुना। बताया जा रहा है कि युवक इच्छा मृत्यु की मांग के लिए कलेक्टर के पास पहुंचा था। अफसरों ने उसे आश्वस्त किया है कि उसके द्वारा लगाए गए एक-एक आरोप की गहराई से और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। फिलहाल इस घटना के बाद से पूरे कलेक्टोरेट परिसर में सुरक्षा और भी ज्यादा कड़ी कर दी गई है। अब पूरे शहर की निगाहें इसी बात पर टिकी हैं कि क्या इस गरीब और बेबस युवक को वाकई न्याय मिल पाएगा, या फिर रसूखदारों के आगे एक बार फिर सिस्टम घुटने टेक देगा। प्रशासन की जांच रिपोर्ट ही अब इस पूरे विवाद का असली सच सामने लाएगी।

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Author: CG City News

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