कोरबा/पसान। जिले के पसान क्षेत्र में निर्माणाधीन शासकीय बालक हाई स्कूल भवन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ग्राम पंचायत पसान के ग्रामीणों ने जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि स्कूल भवन का निर्माण कार्य अत्यंत घटिया गुणवत्ता के साथ किया जा रहा है, जिससे भविष्य में छात्रों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा सकता है। शिकायत के साथ ग्रामीणों ने निर्माण स्थल की तस्वीरें और हस्ताक्षरयुक्त आवेदन भी सौंपा है।
जनदर्शन में उठाया मुद्दा, जांच की मांग
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत आवेदन में कहा गया है कि निर्माण कार्य तकनीकी मानकों और गुणवत्ता नियमों के विपरीत किया जा रहा है। आवेदन के अनुसार भवन के कई हिस्सों में गंभीर खामियां दिखाई दे रही हैं, जिनसे भवन की मजबूती पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप
कॉलम और बीम में कंक्रीट सही तरीके से नहीं बैठी, जगह-जगह गिट्टी बाहर दिखाई दे रही है।
निर्माण के दौरान वाइब्रेटर मशीन का पर्याप्त उपयोग नहीं किया गया।
कई स्थानों पर हनीकॉम्ब (Honeycomb) जैसी स्थिति दिखाई दे रही है।
बीम और कॉलम में दरारें एवं खोखलापन नजर आ रहा है।
प्लास्टर और लीपापोती कर निर्माण की कमियों को छिपाने की कोशिश का आरोप।
सरिया, सीमेंट और गिट्टी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
भवन के किनारों पर फिनिशिंग और मजबूती नहीं होने से भविष्य में टूट-फूट की आशंका जताई गई है।
सुरक्षा मानकों के पालन में लापरवाही का आरोप।
सरकारी राशि का उपयोग जल्दबाजी और कथित रूप से लापरवाहीपूर्ण तरीके से करने की बात कही गई है।
तस्वीरों ने बढ़ाई चिंता
ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराई गई तस्वीरों में निर्माणाधीन भवन के कॉलम और बीम में कंक्रीट उखड़ी हुई तथा कई स्थानों पर गिट्टियां बाहर निकली हुई दिखाई दे रही हैं। कुछ हिस्सों में निर्माण की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल उठते नजर आ रहे हैं।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी
ग्रामीणों का कहना है कि यह भवन स्कूली बच्चों के उपयोग के लिए बनाया जा रहा है, इसलिए निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकती है। उन्होंने मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य रोकने की मांग
आवेदन में यह भी मांग की गई है कि गुणवत्ता जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर तत्काल रोक लगाई जाए, ताकि किसी भी संभावित जोखिम से बचा जा सके। ग्रामीण अब प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।










