कोरबा // जिले में प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा को लेकर आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को जनहित से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं बरतने के सख्त निर्देश दिए। बैठक में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने, सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों के समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण तथा लंबित प्रकरणों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर दिया गया।

कलेक्टर ने कहा कि पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन सहित सभी लंबित शिकायतों एवं आवेदनों की नियमित समीक्षा कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्या निवारण शिविरों में सभी विभागों की अनिवार्य उपस्थिति रहे और मौके पर ही समस्याओं का समाधान किया जाए।

ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए शहर और गांवों में पेयजल आपूर्ति की लगातार मॉनिटरिंग करने तथा खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही जल संरक्षण को लेकर गांव-गांव सर्वे कर नदी-नालों को चिन्हित करते हुए वर्षभर जल उपलब्धता की कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया।
बैठक में जाति प्रमाणपत्र, आधार अपडेट और बायोमैट्रिक अपडेट के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। वहीं महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ई-केवाईसी शीघ्र पूर्ण कराने पर भी जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान में तेजी लाने, एनजीओ के सहयोग से लक्षित क्षेत्रों में जांच अभियान चलाने तथा सिकलसेल जांच एवं प्रमाणपत्र कार्य में गति लाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने PMAY (Urban) दादरखुर्द के अपूर्ण विद्युत कनेक्शन एक सप्ताह में पूर्ण करने, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा 2.0 के अंतर्गत प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने तथा स्व-निधि योजना के आवेदनों पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा स्कूलों के आसपास लगे ठेलों को हटाने, शहरी तालाबों का सीमांकन कराने, भू-अर्जन एवं रेत घाट प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा पीएम सूर्यघर योजना में प्रगति लाने पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर ने अधिकारियों को अपने प्रभार वाले पंचायत क्षेत्रों में नियमित भ्रमण करने और जनजाति गरिमा उत्सव के कार्यक्रमों का प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन 2026 के तहत गीले और सूखे कचरे को चार श्रेणियों में पृथक करने तथा मॉडल वार्ड विकसित करने पर भी विशेष चर्चा की गई।










