उत्तराखंड के योगनगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर सोमवार की रात एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने हर देखने वाले के होश उड़ा दिए। स्टेशन के यार्ड में खड़ी उज्जैनी एक्सप्रेस अचानक हादसे का शिकार हो गई। टक्कर और पलटने की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के इलाके में हड़कंप मच गया। इस दुर्घटना में ट्रेन के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए, जिनमें से एक बोगी तो ट्रैक से पूरी तरह अलग होकर हवा में करीब 20 फुट तक लटक गई। रात के अंधेरे में हवा में लहराती ट्रेन की इस बोगी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आते ही वायरल हो गई हैं, जिसे देखकर कोई भी सिहर उठे। गनीमत सिर्फ इतनी रही कि जिस वक्त यह भयानक हादसा हुआ, उस समय ट्रेन पूरी तरह खाली थी। कोच के भीतर कोई भी यात्री मौजूद नहीं था, जिसकी वजह से एक बड़ा जानी नुकसान होने से बच गया। रेलवे प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच के आदेश दे दिए हैं।
ब्रेक फेल होने से बेकाबू हुई ट्रेन, अधिकारियों की लेट-लतीफी पर उठे सवाल
शुरुआती छानबीन में जो बातें सामने आ रही हैं, वे रेलवे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। बताया जा रहा है कि यह हादसा रूटीन मेंटेनेंस यानी रखरखाव के काम के दौरान हुआ। यार्ड में जब ट्रेन का ट्रैक बदला जा रहा था, तभी अचानक उसके ब्रेक फेल हो गए और ट्रेन बेकाबू होकर पटरियों से उतर गई। यह ट्रेन अगली सुबह करीब 6 बजे अपने सफर पर रवाना होने वाली थी, जिसके लिए रात करीब 9:23 बजे इसकी शंटिंग की जा रही थी। हादसे के वक्त ट्रेन में सवारियों के नाम पर सिर्फ लोको पायलट ही मौजूद था। इस पूरे घटनाक्रम में रेलवे प्रबंधन की एक बड़ी लापरवाही भी सामने आ रही है। मौके पर मौजूद लोगों का आरोप है कि इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद रेलवे के सीनियर अधिकारी करीब ढाई घंटे तक घटनास्थल पर नहीं पहुंचे। दुर्घटना की खबर फैलते ही पटरियों के आसपास लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिसे संभालने के लिए जीआरपी के जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। जवानों ने तुरंत मोर्चा संभालकर भीड़ को वहां से दूर किया ताकि राहत कार्य शुरू किया जा सके।
सीसीटीवी में कैद हुआ खौफनाक मंजर, ट्रेनों की आवाजाही पर असर नहीं
रेलवे स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों में यह पूरी घटना कैद हो गई है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे ट्रेन अचानक पटरी छोड़ देती है और उसकी एक बोगी हवा में तैरने लगती है। फिलहाल रेलवे के तकनीकी अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम मौके पर डटी हुई है। क्रेन और आधुनिक मशीनों की मदद से क्षतिग्रस्त बोगियों को ट्रैक से हटाने और पटरियों को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। रेलवे विभाग के प्रवक्ताओं का कहना है कि यह हादसा मुख्य लाइन से अलग यार्ड में हुआ है, इसलिए गंतव्य की ओर आने-जाने वाली दूसरी ट्रेनों के संचालन पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है और यातायात सामान्य रूप से जारी है।
देश में लगातार हो रहे रेल हादसे, यात्रियों की सुरक्षा भगवान भरोसे?
ऋषिकेश की यह घटना कोई इकलौती वारदात नहीं है, बल्कि पिछले महज तीन से चार दिनों के भीतर देश के अलग-अलग हिस्सों में चार बड़े रेल हादसे हो चुके हैं। इन लगातार हो रही घटनाओं ने भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। ऋषिकेश से ठीक एक दिन पहले यानी रविवार की सुबह आलोट और लूणीरिच्छा स्टेशनों के बीच त्रिवेंद्रम-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के बी-1 एसी कोच में अचानक आग लग गई थी। उस वक्त सुबह के करीब साढ़े पांच बज रहे थे और यात्री सो रहे थे।










