Cgcitynews ब्यूरो: भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग के भीतर हो रहे विचार-विमर्श को लोकतंत्र की जीवंत प्रक्रिया का हिस्सा बताते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा का परिणाम है, जो चुनाव में हार पचा नहीं पा रहे हैं।

लोकतंत्र में संवाद की अहमियत
संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के आंतरिक विचार-विमर्श को विवाद का विषय बनाना पूरी तरह से अनुचित है। उन्होंने कहा कि किसी भी स्वतंत्र संस्था के भीतर चर्चा होना स्वस्थ लोकतंत्र की निशानी है, न कि कोई साजिश। भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।
संवैधानिक संस्थाओं पर लगातार सवाल उठाना विपक्ष की एक सोची-समझी रणनीति है। जब भी चुनाव परिणाम उनके पक्ष में नहीं आते, ये दल संस्थाओं को ही कठघरे में खड़ा करने लगते हैं, जो कि लोकतंत्र के लिए घातक है। – संबित पात्रा, भाजपा सांसद
विपक्ष पर निशाना
भाजपा का मानना है कि विपक्ष का यह रवैया केवल चुनाव आयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाओं के खिलाफ एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। पात्रा ने जोर देकर कहा कि विपक्ष का यह आचरण दिखाता है कि उन्हें देश की लोकतांत्रिक परंपराओं और स्थापित संस्थाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है।
प्रमुख बिंदु:
- चुनाव आयोग के आंतरिक विचार-विमर्श को भाजपा ने बताया लोकतांत्रिक प्रक्रिया।
- कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का लगाया गंभीर आरोप।
- भाजपा का दावा: हार की हताशा में विपक्ष कर रहा है संस्थाओं पर हमला।
- संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी दलों की जिम्मेदारी।
भाजपा ने विपक्ष से आग्रह किया है कि वे अपनी राजनीति को संस्थागत हमलों से दूर रखें और लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करें। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह चुनाव आयोग जैसी स्वायत्त संस्थाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार के दुष्प्रचार को बर्दाश्त नहीं करेगी।
Author: CG City News





















