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उदरदा पर्यटन मार्ग बंद, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा; कलेक्टर को ज्ञापन, 10 दिन का अल्टीमेटम

उदरदा पर्यटन मार्ग बंद होने के विरोध में ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा

पसान/कोरबा। पोड़ी उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम बैरा उदरदा स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल का वर्षों पुराना मार्ग बंद किए जाने से ग्रामीणों और स्थानीय कारोबारियों में भारी नाराजगी है। पेंड्रारोड-गेवरा दीपका रेल कॉरिडोर निर्माण के चलते मार्ग अवरुद्ध होने से पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। इससे पर्यटन पर निर्भर दुकानदारों और स्थानीय परिवारों की आजीविका पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है।

कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, तत्काल समाधान की मांग

समस्या को लेकर समाजसेवी युसूफ खान के नेतृत्व में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर, और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बंद मार्ग का तत्काल निरीक्षण कराने तथा लोगों के आवागमन के लिए सुरक्षित वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

उदरदा पर्यटन मार्ग बंद होने के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा
उदरदा पर्यटन मार्ग बंद होने के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

ग्रामीणों ने कहा कि उदरदा क्षेत्र अपनी प्राकृतिक सुंदरता और जलराशि के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है। मार्ग बंद होने से यहां की पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं और स्थानीय कारोबार पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

उदरदा पर्यटन मार्ग बंद होने के विरोध में ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा
उदरदा पर्यटन मार्ग बंद होने के विरोध में ग्रामीणों ने ज्ञापन सौंपा

रेलवे परियोजना का विरोध नहीं, सुरक्षित रास्ते की मांग

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे पेंड्रारोड-गेवरा दीपका रेल कॉरिडोर जैसी विकास परियोजना के खिलाफ नहीं हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि रेल परियोजना के साथ जनहित और स्थानीय आवागमन का भी ध्यान रखा जाए।

ग्रामीणों ने बंद मार्ग के स्थान पर रेलवे अंडरपास (RUB), ओवरब्रिज (ROB) या किसी अन्य सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग के निर्माण की मांग की है, ताकि पर्यटन स्थल तक पहुंच सुचारु बनी रहे और स्थानीय लोगों को परेशानी न हो।

10 दिन का अल्टीमेटम, समाधान नहीं हुआ तो चक्काजाम

प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को 10 दिनों का समय दिया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल नहीं हुई तो क्षेत्रवासी आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
ग्रामीणों के अनुसार जरूरत पड़ने पर चक्काजाम और सामूहिक आंदोलन किया जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन और रेलवे इस मामले में कितनी जल्दी पहल करते हैं और उदरदा पर्यटन स्थल तक आवागमन बहाल करने के लिए क्या वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है।

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Author: CG City News

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