रायपुर /बिलासपुर / प्रदेश की राजधानी में भाजपा की दो दिवसीय उच्चस्तरीय बैठक में संगठन को मजबूत करने और प्रशासनिक समन्वय बढ़ाने पर मंथन जारी है। जिलों के प्रभारी मंत्रियों से पूछा गया कि अधिकारी संगठन व जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं या नहीं। प्रदेश संगठन प्रभारी और संगठन महामंत्री ने लंबित संगठनात्मक नियुक्तियां जल्द पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में अधिकारियों की अनदेखी पर प्रभारी मंत्रियों को समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है।

रायपुर में बैठक में प्रदेश संगठन प्रभारी अजय जामवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय के नेतृत्व में संगठन की मौजूदा स्थिति से लेकर सरकार और संगठन के बीच तालमेल तक पर व्यापक मंथन किया जा रहा है। जिले से भाजपा के एक पदाधिकारी ने बताया कि बैठक का खास फोकस जिलों के प्रभारी मंत्रियों पर भी है। उनसे जिलेवार फीडबैक लिया जा रहा है कि प्रशासनिक अधिकारी पार्टी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ किस स्तर का समन्वय बनाकर काम कर रहे हैं। बैठक में यह संदेश भी दिया गया कि यदि किसी जिले में अधिकारी संगठन या पार्टी पदाधिकारियों की बात नहीं सुनते हैं, तो प्रभारी मंत्री समन्वय की भूमिका निभाएं। इसके बावजूद स्थिति नहीं सुधरने पर प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई और पदस्थापना में बदलाव जैसे विकल्पों पर विचार किया जा सकता है।

कुल मिलाकर भाजपा की यह बैठक केवल प्रशासनिक समीक्षा तक सीमित नहीं है। संगठन को चुनावी ताकत में बदलने, सरकार की कार्यप्रणाली में समन्वय बढ़ाने और आगामी विधानसभा चुनाव के लिए अभी से मजबूत जमीन तैयार करने की कवायद के तौर पर इसे देखा जा रहा है।
कोटा और मस्तूरी में असंतोष, बिलासपुर में स्थिति बेहतर
बैठक में कोटा और मस्तूरी विधानसभा क्षेत्रों में संगठन की गतिविधियों को लेकर सामने आ रहे असंतोष पर भी चर्चा हुई। वहीं बिलासपुर जिले में संगठन और प्रशासन के बीच समन्वय की स्थिति को अपेक्षाकृत बेहतर बताया गया।
कोटा और मस्तूरी में संगठन की गतिविधियों को लेकर मिल रहे फीडबैक को गंभीरता से लिया गया है। पार्टी की ओर से इन क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर पर काम बढ़ाने के संकेत दिए गए हैं।

एक माह बाद जिलाध्यक्षों से होगी सीधी चर्चा
बैठक के बाद संगठन अब जिलाध्यक्षों से सीधे फीडबैक लेने की तैयारी में है। करीब एक माह बाद जिलाध्यक्षों के साथ अलग-अलग चर्चा की जाएगी। इस दौरान संगठन और शासन के बीच समन्वय की वास्तविक स्थिति, अधिकारियों के साथ पदाधिकारियों के तालमेल और स्थानीय स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की जानकारी ली जाएगी।
बैठक में यह संकेत भी दिया गया कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अभी से संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने पर जोर रहेगा।
https://youtube.com/@cgcitynews.24kviws?si=2-HgXB_3QCltxnQl





















