खरसिया, 07 जुलाई। प्रकृति जब अपने पूरे शबाब पर होती है, तो इंसानी मन को असीम शांति और आनंद से भर देती है। कुछ ऐसा ही जादुई और मनमोहक नजारा इन दिनों रायगढ़ जिले के खरसिया क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। खरसिया के ग्राम बडे़ जामपाली और चपले के बीच मांड नदी पर निर्मित एनीकट इस समय सौंदर्य की एक नई परिभाषा लिख रहा है। मानसून के आगमन के साथ ही नदी का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे एनीकट के ऊपर से बहती पानी की सफेद चादर और उसकी ‘कल-कल’ ध्वनि हर किसी को मंत्रमुग्ध कर रही है।
एक ही फ्रेम में प्रकृति और आधुनिकता का अद्भुत संगम
इस स्थान की खूबसूरती तब और अधिक बढ़ जाती है जब आप इसके चारों ओर के परिदृश्य को देखते हैं। इस भव्य एनीकट के ठीक ऊपर से गुजरता रेलवे पुल और इसके निचले हिस्से में स्थित कुर्रूभांठा-सेंद्रीपाली पुल इंजीनियरिंग और प्रकृति का एक ऐसा अनूठा दृश्य प्रस्तुत करते हैं, जो विरले ही देखने को मिलता है। जब एनीकट के ऊपर से पानी बहता है और उसी समय ऊपर से ट्रेन गुजरती है, तो वह नजारा किसी जीवंत पेंटिंग जैसा प्रतीत होता है।
गर्मी का हॉटस्पॉट, अब मानसून का ‘अद्भुत नजारा’
बता दें कि यह एनीकट क्षेत्र स्थानीय लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। भीषण गर्मी के दिनों में यहाँ नहाने और ठंडी हवाओं का आनंद लेने के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। वहीं, अब जैसे ही बरसात का मौसम शुरू हुआ है, मांड नदी अपने पूरे वैभव के साथ उफान पर है। एनीकट के ऊपर से तीव्र गति से बहती जलधारा को देखना अपने आप में एक बेहद आनंदित और तरोताजा करने वाला अहसास है। सोशल मीडिया पर भी इस बेहद खूबसूरत नजारे का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं।
एक जरूरी और जिम्मेदार अपील
मांड नदी और एनीकट का यह रूप जितना सुंदर और अद्भुत है, मानसून के दौरान यह उतना ही संवेदनशील भी हो जाता है। पानी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सभी नागरिकों और पर्यटकों से ‘केलो प्रवाह न्यूज’ अपील करता है कि इस खूबसूरत नजारे का आनंद हमेशा सुरक्षित दूरी से ही लें। इस समय एनीकट के ऊपर से पार होने या पानी के बीच में जाने का प्रयास बिल्कुल न करें। आपकी सुरक्षा ही आपके परिवार की खुशियां हैं।










