कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक पेट्रोल पंप पर ऐसा मामला सामने आया जिसने सोशल मीडिया पर जबरदस्त बहस छेड़ दी। एक कार मालिक ने आरोप लगाया कि उसकी नई कार की 45 लीटर क्षमता वाली टंकी में 52.32 लीटर पेट्रोल भर दिया गया, जिसके बाद उसने पेट्रोल पंप कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए प्रशासन और पुलिस से शिकायत कर दी।
मामले का वीडियो वायरल होते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और तत्काल जांच के आदेश जारी कर दिए। जांच पूरी होने के बाद जो सच सामने आया, उसने सभी को हैरान कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता चरण सिंह ने हाल ही में नई Volkswagen Virtus कार खरीदी थी। कंपनी के कैटलॉग के अनुसार कार की फ्यूल टैंक क्षमता 45 लीटर है।
चरण सिंह का आरोप था कि जब वह खाली टंकी लेकर पेट्रोल पंप पहुंचे तो उन्हें कुल 52.32 लीटर पेट्रोल (40.85 + 10.47 लीटर) का बिल थमा दिया गया। यह देखकर उन्होंने पेट्रोल पंप पर हंगामा कर दिया और कंपनी के प्रतिनिधि को मौके पर बुलाया। प्रतिनिधि ने भी टैंक की क्षमता 45 लीटर होने की पुष्टि की।
VIDEO वायरल, प्रशासन ने बैठाई जांच
मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही जिला प्रशासन ने बाट-माप विभाग और आपूर्ति विभाग को जांच के निर्देश दिए।
सोमवार को जिला पूर्ति अधिकारी के नेतृत्व में टीम ने पेट्रोल पंप की मशीनों, डिस्पेंसर और माप प्रणाली की विस्तृत जांच की।
जांच रिपोर्ट में क्या निकला?
जांच में पाया गया कि पेट्रोल पंप की सभी मशीनें और माप प्रणाली पूरी तरह सही थीं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंप द्वारा किसी प्रकार की गड़बड़ी या कम-ज्यादा पेट्रोल देने का मामला सामने नहीं आया।
आखिर 45 लीटर की टंकी में 52 लीटर पेट्रोल कैसे भर गया?
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों के अनुसार, वाहन निर्माता द्वारा बताई गई टैंक क्षमता आमतौर पर “Safe Fill Limit” होती है। इसके अलावा फ्यूल फिलर नेक (पाइप), एयर वेंट और टैंक के अंदर मौजूद अतिरिक्त खाली जगह (Vapor Space) में भी ईंधन समा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि कई वाहनों में घोषित क्षमता से 10 से 15 प्रतिशत तक अधिक पेट्रोल भर जाना सामान्य बात है, खासकर जब टैंक लगभग पूरी तरह खाली हो।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सोशल Media पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी तेजी से आ रही हैं। कई यूजर्स इसे तकनीकी जानकारी की कमी बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग अब भी अतिरिक्त जांच की मांग कर रहे हैं।










