कोरबा– // पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम बुका में रविवार 24 मई 2026 को आयोजित विशाल महासम्मेलन में हसदेव जलाशय के प्रभावित आदिवासी समुदायों का छत्तीसगढ़ सरकार की मत्स्य नीति 2022 के विरोध में एकजुटता दिखाई।देगी महासम्मेलन का आयोजन विस्थापित आदिवासी हसदेव जलाशय संघर्ष समिति की अगुवाई मे किया जायगा , जिसमें आसपास के कई गांवों के मुखिया, मछुआरे और स्थानीय सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे

प्रतिभागियों ने कहा कि मत्स्य नीति ने पारंपरिक समुदाय अधिकारों की अनदेखी की है और जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए बैठक कर इस पर तत्काल संशोधन की मांग की सहमति बनी � सभा में सहमति बनी कि ठेका प्रणाली समाप्त कर स्थानीय समुदायों और ग्राम सभाओं को मत्स्य पालन के सीधे अधिकार दिए जाएं।�
आयोजकों ने संविधान की 5वीं अनुसूची, PESA और वन अधिकार कानून का हवाला देते हुए कहा कि जलाशय से जुड़े निर्णयों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रभावित परिवारों की सहमति जरूरी है।� स्थानीय नेताओं ने यह भी प्रस्तावित किया कि पिछली लीज़ अवधि समाप्त हो चुकी ठेरै ठेकों को रद्द कर नए नियमों में समुदायों के सामाजिक-आर्थिक हितों का संरक्षण हो।�
महासम्मेलन के अंत में एक समिति बनाने और आगे के लिए राज्य स्तरीय आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। आयोजक संपर्क नंबरों पर लोगों से समर्थन और जुड़ाव का आह्वान भी किया गया।










